डायबिटिज :शंका और समाधान

डायबिटिज से जुडी बहुत सी शंकाएं और प्रश्न लोगों के मन मे होते है, इनका निवारण किया जाना बहुत ज़रुरी है। इन सवालों का हल मिलना, व्यक्ति का जीवन सुलभ हो सकता है। चलिए कुछ सामान्य शंकाओं और इनके समाधान के बारे मे जानने, समझने का प्रयास करते है:

प्रश्न.1. क्या डायबिटीज एक अनुवांशिक रोग है??

हां, अगर व्यक्ति के माता-पिता में से किसी एक को डायबिटीज है तो 25% (औरों की तुलना में) डायबिटीज होने की संभावना बढ़ जाती है इसका मतलब यह नहीं है कि सिर्फ अनुवांशिकता के कारण डायबिटिज होगा ही, इसके साथ मे ही मोटापा, तनाव, हाईपरटेंशन होने पर सम्भावनाए ज्यादा बन जाती है।

प्रश्न 2. रक्त में शुगर का सामान्य स्तर क्या होता है??

अ. खाली पेट (fasting sugar level ) -70 से 110 mg/dl के बीच

ब. खाना खाने के 2 घंटे बाद (post prandial)- 180mg/dl से कम

प्रश्न 3. क्या डायबिटीज की दवा जीवन भर खानी पड़ती हैं?

यह निर्भर करता है कि आपकी डायबिटीज कितनी पुरानी है, आप व्यायाम और आहार-विहार का कितना पालन करते हैं, और आपके चिकित्सक इस विषय में क्या राय रखते हैं उचित समय पर उचित चिकित्सक द्वारा किए गए प्रबंधन एवं आपके आत्म नियंत्रण से आप दवाओ से दूर हो सकते हैं।


प्रश्न 4.  क्या आयुर्वेदिक दवाई डायबिटीज में लेना सुरक्षित है??

निश्चित रूप से आयुर्वेदिक दवाई डायबिटीज में सुरक्षित हैं अपितु लंबे समय तक  दवाई चलने के कारण आयुर्वेद का चयन ही बेहतर है, इससे आपकी शारीरिक धातुए पुष्ट रहती हैं और दोषो का संतुलन बना रहता है फ़लस्वरुप लीवर व किडनी जैसे विकारो से बचा जा सकता है।

(आयुर्वेद दवाये वैद्य की सलाह से ही ले)

प्रश्न 5. क्या डायबिटीज के रोगी मीठा फल खा सकते हैं??

इस प्रश्न के उत्तर के लिए हमें डायबिटीज को समझना होगा डायबिटीज में रोगी के रक्त में शर्करा (गलुकोज) का स्तर बढ़  जाता है, फ़लो में मुख्यतः फ्रक्टोज (शर्करा का ही रूप है) के रूप में शर्करा रहती है, फ़्रक्टोज  तुरंत तो रोगी को शुगर बढ़ाने का आभास नहीं कराता परंतु पाचन के साथ ही फ़्रक्टोज गलकोज में बदल जाता है और रक्त शर्करा बढ़ाने का ही कार्य करता है अतः हमें अधिक मीठे फलों जैसे अंगूर, चीकू, केला, किशमिश, अंजीर, खजूर, पाइनएप्पल, शरीफा इत्यादि से बचना चाहिए। अगर फल खाना ही हो तो सेव, पपीता, तरबुज, खरबुज, कीवी, खीरा, ककड़ी का चयन करना चाहिए।

 प्रश्न 6. डायबिटीज के रोगी को बार-बार अधिक भुख लगे तो क्या करना चाहिए?

अधिक भूख लगने का तात्पर्य है कि रक्त में शर्करा की मात्रा कम है अतः अपने वैद्य की सलाह से कुछ समय अंतराल के बाद आहार लेना चाहिए।

प्रश्न.7. रक्त में शर्करा के स्तर कम होने के क्या लक्षण हैं??

भूख का बढ़ना, पेट में जलन का होना, चक्कर आना, अधिक पसीना आना, धड़कन का तेज होना, आंखों में अंधेरी छा जाना, बेहोशी जैसी स्थिति का होना आदि।

 प्रश्न.8. क्या मानसिक तनाव से डायबिटीज पर कोई असर होता है?

निश्चित रूप से, बल्कि आजकल के रोगियों में डायबिटीज होने का प्रमुख कारण तनाव ही उभरा है, भागदौड़ भरी जिंदगी एवं काम का प्रेशर डायबिटीज को बढ़ाते हैं, अतः चिकित्सक की सलाह से व्यायाम, योग, ध्यान करना चाहिए जिससे तनाव कम हो।

प्रश्न.9. क्या डायबिटीज एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है??

डायबिटीज एक असंक्रामक रोग है जो एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता अपितु माता-पिता से संतान में जीन के द्वारा स्थानान्तिरत हो सकता है।

प्रश्न.10. क्या डायबिटीज उचित मातृत्व सुख (गर्भधारण) में बाधा है?

अगर माता डायबिटिक है तो रक्त शर्करा के उचित प्रबंधन और नियंत्रण के द्वारा गर्भ को धारण कर सकती है एवं मातृत्व सुख का आनंद ले सकती है

प्रश्न.11. कौन सी बातें होने पर डायबिटीज के रोगी को चिकित्सक की सलाह लेनी ही चाहिए?

दांत में दर्द होने पर, दांत में रक्तस्राव होने पर, शरीर पर घाव या चोट होने पर, आंखों से धुंधला दिखाई देने पर, मूत्र और त्वचा के संक्रमण बढ़ने पर शुगर रोगी को तुरंत अपने चिकित्सक को दिखाना चाहिए।

प्रश्न 12. डायबिटीज कितने प्रकार का होता है?

मुख्यत डायबिटीज तीन प्रकार का होता है

1.Type 1 Diabetes … जो जन्म से ही होता है|

2.Type 2 Diabetes … जो जन्म के बाद आहार विहार सम्बन्धी  कारणों से होता है।

3. Gestational Diabetes… माता को गर्भावस्था के दौरान हार्मोन के असंतुलन के कारण उत्पन्न होता है।

प्रश्न 13. डायबिटीज  के रोगी को सामान्यतया कौन-कौन सी जांच करवानी चाहिए?

1. Blood sugar test

2. OGTT.. oral    glucose tolerance test

3. Hb1Ac Test… हर 3 माह में यह करवाया जाता है और ये रक्त की औसत शर्करा का मापन बताता है।

4.रक्तदाब की जांच बीपी

5.वजन की जांच

6. मूत्र शर्करा की जांच

इसके अतिरिक्त चिकित्सक किडनी, लीवर, कोलेस्ट्रल की जांच सामान्यतः करवाई जानी चाहिए।

प्रश्न.14. आप कैसे जान सकते है की आपको डायबिटिक होने की सम्भावना कितनी है, इसे कैसे जान सकते है?

यदि आप की

1. उम्र 30 से 65 वर्ष के मध्य है

2. अनियमित खान-पान व रहन-सहन का तरीका

3. शारीरिक परिश्रम का अभाव

4. आप अत्यधिक मोटे हैं एवं उच्च कोलेस्ट्रॉल की शिकायत है

5. आप रक्तदाब बीपी की समस्या से ग्रस्त हैं

6. आप ऋतुचर्या, दिनचर्या का पालन नहीं करते हैं 7. आप अत्यधिक तनाव ग्रस्त हैं या अत्यधिक तनाव वाला कार्य करते हैं तो सचेत हो जाइए।

प्रश्न 15. इंसुलिन हार्मोन के क्या कार्य हैं (type 1 और type 2 Diabetes मे इन्सुलिन किस प्रकार कार्य करता है)?

इंसुलिन का कार्य –

कोशिकाओं के इंसुलिन रिसेपटर्स के जरिए ग्लूकोज को कोशिकाओं के अन्दर भेजना, ताकि कोशिकाओं को ऊर्जा मिल सके।

टाइप 2 डायबिटीज इंसुलिन रेजिस्टेंस से शुरू होती है, जिसमें कोशिकाओं के इंसुलिन रिसप्टर्स इंसुलिन के प्रति अक्रियाशील हो जाते हैं जिसकी वजह से कोशिकाएं इंसुलिन का ठीक से जवाब नहीं दे पातीं। फलस्वरूप ग्लूकोज कोशिकाओं के अंदर ना जाकर रक्त के अंदर अपनी मात्रा बढ़ाने लग जाता है और पेशाब के जरिए बाहर निकलना शुरू हो जाता है, जिसकी वजह से वह गुर्दों और हार्ट को नुकसान पहुंचाता है। वहीं कोशिकाओं को पर्याप्त ग्लूकोज नहीं मिल पाने से व्यक्ति थका हुआ महसूस करता है। जैसे जैसे रोग में वृद्धि होती है, वैसे-वैसे इंसुलिन की कमी भी बढ़ने लग जाती है।

 टाइप -1 डायबिटीज में अग्नाशय की beta cells द्वारा पर्याप्त मात्रा में इंसुलिन ही उत्पादित नहीं किया जाता। अतएव कोशिकाओं में ग्लूकोज ना पहुंच कर रक्त में ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है।

इन सबके अलावा भी यदि आपका कोई प्रश्न है तो कोमेंट बोक्स मे ज़रुर लिखें, आपके प्रश्न का उत्तर देने का सहर्ष, सही उत्तर देने का प्रयास किया जाएगा।

सर्वे भवंतु आरोग्या॥

(डायबिटिज के बारे मे जानने के लिए यहां क्लिक करें)

57 thoughts on “डायबिटिज :शंका और समाधान”

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    its perfect
    you are a best doctor.
    Good lucks.
    Hope for further knowledge about other diseases and disorders from you..
    keep updating sir.

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